यह जगह रहस्यमयी और एडवेंचर से भरी हुई है, लिहाजा वैज्ञानिकों की भी इस गांव में विशेष रुचि है। यहां रहने वाले ग्रामीणों की जीवनशैली का पता लगाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक नियमित रूप से इस गांव पर शोध करने के लिए आते रहते हैं। मगर, कोई भी यहां रुकता नहीं है।
पुरातत्वविदों को इन कब्रों के पास से कुछ नावें भी मिली हैं। उनका मानना है कि मृतकों को नाव के आकार के लकड़ी के बक्से में दफन किया जाता रहा होगा। हालांकि, यह बात अभी भी एक रहस्य है कि नावों को यहां क्यों रखा गया था।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पहले यहां कभी नदी रही थी। मगर, कुछ लोगों का यह मानना है कि आत्मा को स्वर्ग तक पहुंचने में ये नावें मददगार होती थीं। इसलिए उन्हें एक नाव के आकार वाले ताबूत में दफनाया गया था। ताकि मरने के बाद आत्मा को स्वर्ग जाने में कोई परेशानी नहीं हो।
कुओं का भी है रहस्य
पुरातत्वविदों को भी हर कब्रगाह के सामने एक कुंआ मिला है। यह माना जाता है कि रिश्तेदारों की शवों को दफनाने के बाद इन कुओं में सिक्के फेंके जाते थे। अगर सिक्का कुएं के तल पर टकराता था, तो माना जाता था कि आत्मा स्वर्ग पहुंच गई है। वहीं, यदि ऐसा नहीं होता था, तो माना जाता था कि आत्मा को मोक्ष नहीं मिला है और वह अभी भटकती रहेगी।aa
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